चीला आर.एम.यू. कार्यों को गति प्रदान करने हेतु उच्च स्तरीय बैठक।

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Voice of Uttarakhand

Dehradun –  चीला जल विद्युतगृह के नवीनीकरण, उच्चीकरण एवं पुनरोद्धार (RMU) कार्यों को गति देने के उद्देश्य से यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संदीप सिंघल द्वारा दिल्ली में कार्यदायी संस्था बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के साथ महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक में चीला विद्युतगृह के आर.एम.यू. कार्यों को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने की कार्ययोजना पर मंथन किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संदीप सिंघल ने बताया कि चीला विद्युतगृह की मशीनों द्वारा अपनी उपयोगी आयु पूर्ण कर ली गई है तथा उनकी उत्पादन क्षमता में कमी आने लगी थी। मशीनों की क्षमता बढ़ाने एवं विद्युतगृह से उत्पादन सुचारू रखने के लिए यह आवश्यक हो गया था कि विद्युतगृह में नवीनीकरण, उच्चीकरण एवं पुनरोद्धार (RMU) के कार्य कराए जाएं। उन्होंने कहा कि आर.एम.यू. कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत चीला जल विद्युत गृह की स्थापित क्षमता 144 मेगावाट से बढ़कर 156 मेगावाट होने के साथ ही वार्षिक उत्पादन में भी लगभग 250 मिलियन यूनिट की वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। भारत की माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा कुछ दिन पूर्व अपने उत्तराखंड दौरे पर चीला विद्युतगृह के आर.एम.यू. कार्यों का शिलान्यास भी कर दिया गया है।

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श्री सिंघल ने बताया कि विभिन्न कारणों जैसे कोरोना, रुस यूक्रेन युद्ध आदि के कारण मशीनों के बदले जाने वाले कलपुर्जे एवं अन्य घटकों की आपूर्ति में बाधा आ रही है जिससे परियोजनाओं के अन्य कार्यों के साथ ही आर.एम.यू. आदि के कार्यों में भी विलंब हो रहा है। इसे दूर करने के साथ साथ विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर भी बैठक में विस्तृत विचार विमर्श किया गया। श्री सिंघल ने बताया कि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि समस्त बाधाओं का निराकरण कर विद्युतगृह की प्रथम मशीन का आर.एम.यू. कार्य शीघ्र से शीघ्र प्रारंभ कर ससमय पूर्ण कर लिया जाए। बैठक में बीएचईएल द्वारा आश्वासन दिया गया कि एक सप्ताह में इस संबंध में कार्ययोजना बनाकर प्रथम मशीन के आर.एम.यू. जून 2024 तक पूर्ण करने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में बीएचईएल के निदेशक ऊर्जा, यूजेवीएन लिमिटेड के अधिशासी निदेशक के साथ ही अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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