सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने की राज्य स्तर पर योजनाओं की सघन समीक्षा

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Voice of Uttarakhand

– कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी के लिए तैयार ड्राफ्ट पर भी हुई चर्चा

देहरादून –  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में आवास एवं शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से लागू करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में सचिव–आवास, राज्य संपत्ति तथा आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण के आयुक्त एवं मुख्य प्रशासक डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (UHUDA) से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सचिव आवास के कॉन्फ्रेंस कक्ष में सम्पन्न हुई।

UHUDA की संरचना और कार्यों का प्रस्तुतीकरण
बैठक के प्रारम्भ में कार्यक्रम प्रबंधक, UHUDA द्वारा प्राधिकरण की स्थापना, संगठनात्मक संरचना, विधिक प्रावधानों के अंतर्गत परिभाषित कार्यों, विशेष नीतियों, नियम-विनियम एवं संशोधनों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें UHUDA एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के गठन, वर्ष 1973 के अधिनियम के अंतर्गत कार्यों तथा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास कार्यों की जानकारी साझा की गई।

प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति पर फोकस
प्रस्तुतीकरण में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सचिव आवास ने योजना के तहत चल रहे निर्माण, स्वीकृति और आवंटन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंदों को समय पर आवास उपलब्ध कराया जा सके।

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नई आवास नीति तैयार करने के निर्देश
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य के लिए एक नई आवास नीति तैयार किया जाना समय की आवश्यकता है, क्योंकि वर्ष 2017 में जारी उत्तराखण्ड आवास नीति की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि नई नीति में शहरीकरण की वर्तमान चुनौतियों, किफायती आवास, पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और सतत विकास को विशेष रूप से शामिल किया जाए।

MDDA और HRDA परियोजनाओं की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 की समीक्षा के दौरान सचिव आवास ने देहरादून-मसूरी विकास प्राधिकरण (MDDA) की परियोजनाओं में लॉटिंग एवं आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही HRDA द्वारा लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुँच सके।

PMAY 1.0 के कार्य तय समय में पूरे करने के निर्देश
बैठक में एनपीएमसी के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 से संबंधित सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा (सितम्बर 2026) के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए। सचिव आवास ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर आवंटन सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए औपचारिक पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।

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कैरिंग कैपेसिटी अध्ययन पर विशेष जोर
बैठक में कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी के लिए तैयार ड्राफ्ट RFP पर भी चर्चा की गई। सचिव आवास ने इसे राज्य के प्रमुख नगरों, तीर्थस्थलों, विशेषकर चारधाम क्षेत्रों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में इस अध्ययन को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने के निर्देश दिए, जिससे विकास कार्यों को पर्यावरणीय संतुलन के साथ आगे बढ़ाया जा सके।

आगामी बैठकों के लिए रोडमैप तय
सचिव आवास ने निर्देश दिए कि आगामी बैठक में पीएमयू टीम का परिचय, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 की प्रगति, शासन को प्रस्तुत विभिन्न ड्राफ्ट नीतियों एवं ड्राफ्ट RFPs की विस्तृत समीक्षा की जाए। साथ ही UHUDA से संबंधित सभी नियम, विनियम, उपविधियाँ एवं नीतियों की एक-एक प्रति संदर्भ हेतु उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की व्यापक सहभागिता
बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक UHUDA, ग्रामीण मंत्रालय UHUDA, पीएमयू टीम, विशेष सचिव आवास एवं शहरी विकास, निदेशक/उप सचिव आवास रजनीश जैन, अपर सचिव राहुल सुन्द्रीयाल, संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह, कार्यक्रम प्रबंधक कैलाश चन्द्र पांडेय, हाउसिंग विशेषज्ञ रोहित रंजन, संस्थागत सुधार विशेषज्ञ कामना करण एंव आईटी व एमआईएस विशेषज्ञ सचिन नौटियाल शामिल थे। सभी अधिकारियों ने विभागीय कार्यों की प्रगति और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।

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सचिव–आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि राज्य में आवास एवं शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और जनहितैषी तरीके से लागू किया जाए। उत्तराखण्ड आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण के माध्यम से आवासीय योजनाओं, अवस्थापना विकास कार्यों और नीतिगत सुधारों को नई दिशा दी जा रही है। वर्ष 2017 की आवास नीति की अवधि समाप्त हो चुकी है, इसलिए राज्य की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक नई आवास नीति तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत चल रहे कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है और सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए हैं कि आवंटन, लॉटिंग एवं निर्माण से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों, प्रमुख नगरों और तीर्थस्थलों में विकास कार्यों को पर्यावरणीय संतुलन के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी को भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि राज्य में सतत और संतुलित विकास को मजबूती मिल सके।”