कुंभ मेला 2027 की तैयारियां तेज, बैसाखी पर मेलाधिकारी का व्यापक निरीक्षण

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हरिद्वार, – धर्मनगरी हरिद्वार में आज से ठीक एक वर्ष बाद, 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति के पावन पर्व पर कुंभ मेला 2027 का प्रमुख अमृत स्नान (शाही स्नान) आयोजित होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने तैयारियों को “काउंटडाउन मोड” में डालते हुए सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने की मुहिम तेज कर दी है। कुंभ मेला से जुड़े सभी कार्यों के लिए स्पष्ट लक्ष्य और टाइमलाइन निर्धारित की गई है तथा उनकी सतत निगरानी और नियमित समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैसाखी के दिन हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कुंभ मेला की तैयारियों एवं चुनौतियों की जमीनी पड़ताल की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मेलाधिकारी  सोनिका ने बैसाखी के पावन पर्व पर हर की पैड़ी में गंगा स्नान कर आगामी कुंभ मेला के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन हेतु मां गंगा से प्रार्थना की। गंगा स्नान के उपरांत उन्होंने हर की पैड़ी क्षेत्र के साथ-साथ हिल बाइपास, मनसा देवी पैदल मार्ग, मोतीचूर रेलवे स्टेशन, औद्योगिक क्षेत्र मार्ग, हरिद्वार रेलवे स्टेशन मार्ग, सिंहद्वार, कांवड़ पटरी मार्ग, शंकराचार्य चौक, कनखल क्षेत्र, आस्था पथ और रोड़ी-बेलवाला सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों, पुलों, सड़कों, पैदल मार्गों, पार्किंग व्यवस्था तथा अन्य जन-सुविधाओं की स्थिति का गहनता से जायजा लिया और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों का भी आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ पटरी मार्ग को शीघ्र दुरुस्त किया जाए, हिल बाइपास की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए तथा मनसा देवी पैदल मार्ग के सुधार एवं पुनर्निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने अतिक्रमण हटाने, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा घाटों पर स्नानार्थियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए।
मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता, सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी तैयारियों की माइक्रो प्लानिंग की जा रही है तथा चुनौतियों के प्रभावी समाधान के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि तय टाइमलाइन के अनुसार सभी कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी और नियमित समीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है, जिसका सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार नन्दन कुमार, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कुंभ मेला 2027, हरिद्वार – प्रमुख स्नान तिथियां

14 जनवरी 2027 : मकर संक्रांति

06 फरवरी 2027 : मौनी अमावस्या

11 फरवरी 2027 : बसंत पंचमी

20 फरवरी 2027 : माघ पूर्णिमा

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*06 मार्च 2027 : महाशिवरात्रि (अमृत स्नान)*

*08 मार्च 2027 : फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान)*

07 अप्रैल 2027 : नव संवत्सर (नव वर्ष)

14 अप्रैल 2027 : मेष संक्रांति (प्रमुख अमृत स्नान)

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15 अप्रैल 2027 : श्रीराम नवमी

20 अप्रैल 2027 : चैत्र पूर्णिमा

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