पारंपरिक लोक कलाकारों के सम्मान में देहरादून में होगा भव्य “जागर संरक्षण दिवस”

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Voice of Uttarakhand

–  17 सितंबर को संस्कृति विभाग प्रेक्षागृह में होगा आयोजन, लोक संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों के पारंगत 17 ग्रामीण क्षेत्रों के प्रख्यात ढोल वादक व लोक जागर गाने वाले जागरियों और अन्य क्षेत्र में पारंगत जनों को मिलेगा “राज्य वाद्ययंत्र सम्मान-2026” एवं सरकारी सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 5 वरिष्ठ अधिकारियों को मिलेगा “डांडी कांठी रत्न- 2026”।
देहरादून। उत्तराखंड अपनी समृद्ध लोककला, लोकसंस्कृति एवं पारंपरिक विरासत के लिए देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। प्रदेश की लोक परंपराओं को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था “डांडी-कांठी क्लब” निरंतर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मध्य हिमालयी संस्कृति के सरोकारों से जुड़ी इस संस्था द्वारा पारंपरिक लोककलाओं एवं संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए समर्पित (लोकविधा) “जागर संरक्षण दिवस” का आयोजन इस वर्ष भी 17 सितंबर को भव्य रूप से किया जा रहा है। पारंपरिक लोक कलाकारों के सम्मान में कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से लोक संस्कृति की अलग-अलग विधाओं में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले 17 पारंपरिक एवं श्रेष्ठ कलाकारों को “राज्य वाद्ययंत्र सम्मान-2026” से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 5 वरिष्ठ अधिकारियों को “डांडी-कांठी रत्न-2026” प्रदान किया जाएगा।
आयोजन के माध्यम से जागर, पवाड़े, लोकगीतों, लोकनृत्यों, लोकवाद्यों एवं विलुप्त होती जा रही पारंपरिक लोक विधाओं के संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति के ध्वजवाहकों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
डांडी-कांठी क्लब समय-समय पर खेल प्रतियोगिताओं, लोक महोत्सवों एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तराखंड के प्रख्यात ढोल सागर,देवसार, पैसारा, थाती, योग एवं अन्य पारंपरिक विधाओं से जुड़े लोक कलाकारों के सम्मान में आयोजित (लोकविधा) “जागर संरक्षण दिवस” को इस वर्ष भी विशेष रूप दिया जा रहा है।

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कार्यक्रम में होंगी विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में उत्तराखंड की विभिन्न लोक विधाओं से जुड़े पर्वतीय क्षेत्रों से आए पारंपरिक जागरियों, ढोल वादक कलाकारों द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी व उत्तराखंड के प्रसिद्ध उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति के ध्वजवाहकों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन में प्रदेशभर से साहित्यकार, संस्कृति प्रेमी, लोक कलाकार, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिगण, उत्तराखंड सरकार के कई मंत्रीगण, विधायकगण एवं लोक संस्कृति के संरक्षण से जुड़े गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

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कार्यक्रम का आयोजन
दिनांक: 17 सितंबर 2026, गुरुवार
समय: सायं 5:00 बजे से
स्थान: संस्कृति विभाग प्रेक्षागृह, निकट दूरदर्शन केंद्र, हरिद्वार बाईपास रोड, देहरादून।

प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
आयोजन की जानकारी देते हुए क्लब अध्यक्ष विजय भूषण उनियाल ने बताया कि डांडी-कांठी क्लब का उद्देश्य उत्तराखंड की पारंपरिक लोक विधाओं, कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा इनके संरक्षण के लिए समाज को जागरूक करना है।
प्रेस वार्ता में क्लब अध्यक्ष विजय भूषण उनियाल, सचिव कृष्णानन्दभट्ट, अनिल पेटवाल, प्रकाश बड़ोनी, प्रीतम सिंह रावत, प्रमोद नौटियाल, मंच उद्घोषक सुनील सजवाण, सुदर्शन सिंह कैंतुरा, मनोज बेलवाल, दीपक रावत, सहित क्लब परिवार के पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

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