मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान की वृद्धि करता है रेडियो- आरजे गगन

393

देहरादून –   मंगलायतन विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा शनिवार को ‘रेडियो’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें आरजे गगन मुख्य अथिति के रूप में शामिल हुए।

गगन गौतम ग्रेटर नोयडा में एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन में आरजे के पद पर तैनात हैं। मंगलायतन विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा की रेडियो रचनात्मकता का माध्यम है। इसके माध्यम से सभी वर्ग के लोगों का मनोरंजन कर सकते हैं। रेडियो से मात्र मनोरंजन ही नहीं होता, ज्ञान में भी वृद्धि होती है। साथ ही साथ लोगों को विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक भी कर सकते हैं। आरजे गगन ने कहा कि रेडियो का उपयोग शिक्षण-कार्य के लिए भी किया जाता है। हमारे देश में रेडियो का प्रचलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। कार्यशाला के दौरान उन्होंने रेडियो नारद पर तकनीकी ज्ञान भी विद्यार्थियों को दिया।

Also Read....  सूबे के सहकारी बैंक का लाभ बढ़कर हुआ 269 करोड़ः डाॅ. धन सिंह रावत

पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग की अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक मनीषा उपाध्याय ने कहा रेडियो जनसंचार का सबसे प्राचीन और प्रमुख माध्यम है। सूचना, संचार और गीतों के माध्यम से मनोरंजन के अहम माध्यम के तौर पर रेडियो का इस्तेमाल किया जाता है। टीवी और रेडियो में अंतर बताते हुए कहा कि रेडियो को सुनते हुए हम बहुत से ऐसे कार्य कर सकते हैं, जो टीवी देखने के साथ नहीं कर सकते हैं। रेडियो सुनते हुए हम वाहन चला सकते हैं, सब्जी काट सकते हैं और भी अन्य कार्य कर सकते हैं।

Also Read....  राज्य में प्रथमबार समाज के महत्वपूर्ण अंग दिव्यांगजनों के लिए ऋषिकेश में बन रहा आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संतोष कुमार गौतम ने कहा कि रेडियो का उपयोग हम तीन रूप में करते हैं। प्रचार के साधन के रूप में, शिक्षण-कार्य के साधन के रूप में और मनोरंजन के साधन के रूप में। कार्यशाला में छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों का आरजे गगन द्वारा जवाब भी दिया गया। कार्यक्रम का संचालन आरजे कुंदन ने किया। मयंक जैन ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान आरजे शिवा, पवन कुमार, मुख्त्यार अहमद, ज्योति गौतम, सताक्षी मिश्रा, दीपक सिंह आदि मौजूद थे।

Also Read....  मुख्यमंत्री ने जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का किया लोकार्पण

LEAVE A REPLY