आंदोलनकारी, आरक्षण एवं बंद होते उद्योगों के मामले में मोर्चा ने सीएम से लगाई गुहार

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Voice of Uttarakhand

देहरादून-   जन संघर्ष मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात कर प्रदेश में बंद हुए हजारों उद्योगों एवं बंदी के कगार पर पहुंच चुके उद्योगों को बचाने के लिए तथा राज्य आंदोलनकारियों को 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण प्रदान किए जाने संबंधी विधेयक, जोकि लगभग 5 साल से राजभवन में लंबित है, उस मामले में राजभवन से पुनः आग्रह किए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। नेगी ने कहा कि प्रदेश में पूर्व से स्थापित उद्योग बहुत तेजी के साथ अपना कारोबार समेटने लगे हैं, जिस कारण प्रदेश में भयंकर बेरोजगारी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकांश उद्योगपति श्रमिकों को  बाहर करने का बहाना ढूंढ कर उनको अन्य प्रदेशों में ट्रांसफर करने के फार्मूले पर काम कर रहे हैं। नेगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के हक में विधेयक लाया गया था तथा स्वीकृति हेतु राज भवन को भेजा गया था, लेकिन दो-तीन बार आग्रह करने के बावजूद भी राजभवन द्वारा न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही विधेयक को वापस किया गया। राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिलने से उनका हक मारा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार मौजूद थे।

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