दलित परिवार पर जानलेवा हमला, कई लोग जख्मी, पुलिस पर लगा गंभीर आरोप।

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Voice of Uttarakhand

Dehradun – दून में स्मैक तस्करों का खूनी खेल, दलित के घर मे घुस कर हमला, बुजुर्ग माँ-बाप पर भी चाकू-खुकरी से वार, पुलिस की खामोशी संदेहास्पद

देहरादून। देहरादून शहर कोतवाली क्षेत्र के लक्खीबाग चौकी अंतर्गत रेसकोर्स नई बस्ती सी ब्लॉक में 15-20 नकाबपोशों ने दलित के घर मे घुस कर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

15-20 लोग घुसे घर मे, चाकू-खुकरी से हमला-

शिव मुनि (भाई) व अनिता (बहन) का कहना है कि सोमवार की रात करीब 9:30 बजे 15-20 लोग घर मे घुस आए व उनके भाई इंद्रजीत (26) वर्ष पर चाकू-खुकरी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में शिवमुनि भी घायल हो गया।

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4 लोग घायल, ICU में भर्ती, अभी हैं बेहोश-
बुजुर्ग माँ बाप को भी नहीं बख्शा-

इंद्रजीत (26 वर्ष) अभी इंद्रेश अस्पताल के ICU में भर्ती है व बेहोश है। जबकि पिता नेमीचंद (75 वर्ष) व माता पुष्पा देवी (65 वर्ष) इंद्रजीत को बचाने लगे तो उनपर भी हमलावकर दिया। बुजुर्ग माँ-बाप भी इंद्रेश अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि भाई शिवमुनि के सिर पर कान के पास व कंधे पर चोट आई।

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दून की अमानवीय पुलिस का चेहरा आया सामने-

परिजनों का आरोप है कि करीब 15 लोगों ने 100-112 नंबर पर अपने-अपने फोन से कॉल की तब जाकर कहीं पुलिस आई और चक्कर मार कर वापस चली गई।

स्मैक भेजने वाले हैं हमलावर,
पुलिस ने नहीं की अभी तक कार्यवाही-

परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपी हमलावकर स्मैक आदि बेचने का अवैध धंधा करते हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के रवैये से लगता है कि उनकी पुलिस में सेटिंग है जिस कारण ने हत्या करने के मकसद के हमले को भी दबाने जैसा काम किया है, आखिर पुलिस क्यों खामोश है, हम दलित हैं इसलिए या इनका चौकी में हफ्ता जाता है इसलिए।

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परिजनों ने कहा कि कल सोमवार देर रात 9:30 बजे की घटना है, जब रिंकू, हेमंत, संजू, राशिद व अन्य हमलावर जिन्होंने अपने मुहं ढके हुए थे अचानक घर मे घुस आए और घटना को अंजाम दिया। हमारा भाई हॉस्पिटल में मौत से जूझ रहा है और पुलिस कुछ भी सुनने को तैयार ही नहीं है।