आईएसटीई नीट मेट के माध्यम से डिप्लोमा इंजीनियरों और प्रोफेशनल्स के लिए नेशनल एम्‍प्‍लॉएबिलिटी एसेसमेंट टेस्‍ट एंड इंडस्‍ट्री रेडीनेस प्रोग्राम लॉन्च करेगा

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Voice of Uttarakhand

देहरादून-  तकनीकी शिक्षा के लिए प्रमुख नेशनल प्रोफेशनल सोसाइटी इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन (आईएसटीई) ने नीट मेट (https://www.neatmet.com/short/dengp) के माध्यम से डिप्लोमा लेवल के इंजीनियरों और एंट्री लेवल के प्रोफेशनल्स के लिए समग्र कौशल विकास और मूल्यांकन कार्यक्रम – नेशनल एम्‍प्‍लॉएबिलिटी एसेसमेंट टेस्‍ट एंड इंडस्‍ट्री रेडीनेस प्रोग्राम के लॉन्‍च की घोषणा की । 30 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 100 से ज्यादा शहरों में 200 से ज्यादा सत्यापित एग्जाम केंद्रों पर यह परीक्षा ली जाएगी। इसमें कई मॉड्यूल्स के अलावा कंप्यूटर आधारित परीक्षा भी शामिल है।

राष्ट्रीय रोजगार योग्यता मूल्यांकन टेस्ट के मुख्य लक्ष्य

§ रोजगार के योग्य उम्मीदवारों और संभावित नियोक्ताओं के बीच दूरी को कम करना

§ मानकों के अनुसार समान और पारदर्शी मूल्यंकन की व्यवस्था, प्रक्रिया और प्रोटोकॉल

§ अखिल भारतीय, क्षेत्रीय और राज्य के स्तर पर योग्य उम्मीदवारों के लिए मेरिट लिस्ट बनाना

§ देश भर में पहले, दूसरे और तीसरे दर्जे में कई क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान करना

§ नौकरी पर रखने योग्य उम्मीदवारों की इंडस्टी से भर्ती की सिफारिश

§ प्रभावी ढंग से उम्मीदवारों को नौकरियों पर रखने में समय, लागत और संसाधन की बचत

 

प्रारंभिक मॉड्यूल में इंटरएक्टिव कोर्स, स्टडी मटीरियल, मॉक टेस्ट, रणनीतिक मागदर्शन और इंडस्ट्री की ओर से मास्टरक्लासेज शामिल हैं। इसमें उम्मीदवारों को कौशल से लैस करने के लिए पूरक मॉड्यूल भी होंगे। इस कार्यक्रम का लक्ष्य उम्मीदवारों को कॉरपोरेट माहौल में काम करने के लिए तैयार करना है। इस प्रोग्राम में उम्मीदवारों के व्यक्तित्व का विकास किया जाएगा। उन्हें सॉफ्ट स्किल्स सिखाई जाएंगी और लाइफ स्किल में भी निपुण बनाया जाएगा। उम्मीदवारों को तरह-तरह के कौशल का प्रशिक्षण देने के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की ओर से यह मॉड्यूल बनए गए। इन मॉड्यूल्स में बेसिक आईटी स्किल्स इनहांसमेंट, करियर काउंसलिंग और रिज्यूमे बनाने की ट्रेनिंग शामिल है।

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इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन (आईएसटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर पी.के. देसाई ने इस व्‍यापक प्रोग्राम के लॉन्‍च पर कहा, “हम राष्ट्रीय रोजगार मूल्यांकन परीक्षा के आयोजन के लिए कैलनेस्टर से साझेदारी कर काफी खुश हैं। इससे हमारे देश में इंडस्ट्री में नौकरी के लिए आवश्यक कौशल से लैस इंजीनियर का एक पूल तैयार होगा। कैलेनेस्टर के साथ हमारा उद्देश्य भारत में डिप्लोमा इंजीनियरों और प्रोफेशनल्स के लिए बेहतरीन ढांचा तैयार करना है। इससे उम्मीदवारों को कई लाभ होंगे। इससे वह गलाकाट प्रतियोगिता वाले नौकरियों के बाजार में भीड़ से अलग खड़े दिखाई देंगे।”

 

कैलनेस्टर नॉलेज सोल्यूशंस सीईओ और निदेशक श्री एस. बोरल ने प्रोग्राम की लॉन्चिंग के अवसर पर कहा, “कैलनेस्टर के लिए हम इंडस्ट्री में नौकरी के लिए उम्मीदवारों के कौशल को पहचानते हैं। हम प्रतिभाओं की खोज भारत के छोटे शहरों और कस्बों से करते हैं। इसके लिए अलग-अलग दर्जे की और अलग-अलग परतों पर उम्मीदवारों का रोजगार कौशल के लिहाज से मूल्यांकन करते हैं। इसके साथ ही हम अपने इंटरएक्टिव कोर्सवेयर से उम्मीदवारों को नौकरी के लिए जरूरी कौशल से लैस करते हैं। यह कोर्स कैलनेस्टर के कोरस नीटमेट पर उपलब्ध है। एनएसडीसी में लिस्टेड अतिरिक्त कौशल सिखाने वाले साझीदारों के माध्यम से भी उम्मीदवारों को ट्रेनिंग देते हैं। हम नौकरी के योग्य उम्मीदवारों और संभावित एंप्लॉयर के बीच की दूरी को कम करते हैं। हम अपने प्लेसमेट साझीदारों के सहयोग से उम्मीदवरों को प्लेसमेंट में आजीवन सहायता प्रदान करते हैं। कैलनेस्टर की ओर से संचालित नीटमेट एक समग्र मंच है, जो उम्मीदवारों को इंडस्ट्री की ओर से स्वीकार किए गए स्कोर कार्ड प्रदान करता है। हम छात्रों को टेस्ट के लिए तैयार करते हैं। कैंपस से निकलकर कॉरपोरेट जगत में नौकरी करने के लिए हम उन्हें जरूरी कौशल से लैस करते हैं।“

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भारत में हर साल अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 10 लाख से ज्यादा डिप्लोमा लेवल के इंजीनियर निकलते हैं। इसमें से कई छात्र उच्च शिक्षा की राह चुनते हैं, जबकि बाकी छात्र देश के अलग-अलग शहरों और कस्‍बों में नौकरियों की तलाश करते हैं। पहले दर्जे के टॉप इंस्टिट्यूट्स से निकले उम्मीदवारों को बेहतर नौकरी तो मिलती है, लेकिन उनमें से बड़ी संख्या में लोग अपने काम से नियोक्ताओं को खुश नहीं कर पाते। देखा जाए तो इसमें से बड़ी संख्या में कॉलेज से निकलने वाले छात्रों के लिए कोई गाइडलाइंस नहीं होती, जिससे उन्हें इंडस्ट्री के लिए जरूरी कौशल की जानकारी मिल सके। भारतीय इंडस्ट्री को बड़ी संख्या में अच्छे उम्मीदवारों की जरूरत है क्योंकि इंडस्ट्रीज के पास हमेशा उम्मीदवारों को अलग- अलग भौगोलिक क्षेत्रों में मानकों के अनुसार प्रभावी ढंग से उम्मीदवारों की भर्ती के लिए उचित मूल्यांकन टीम नहीं होती। दूसरी ओर भारत में शायद ही कोई मानक उपलब्‍ध हो, जिससे कॉलेज से पास आउट होने वाले उम्‍मीदवारों, नए और अनुभवी कर्मचारियों की नौकरी करने की क्षमता का आकलन किया जा सके।

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नेशनल एम्‍प्‍लॉएबिलिटी एसेसमेंट टेस्‍ट एंड इंडस्‍ट्री रेडीनेस प्रोग्राम का लक्ष्य फ्रेशर्स और फाइनल ईयर के डिप्लोमा इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स और एंट्री लेवल के प्रोफेशनल्स के लिए भविष्य के लिए तैयार होने का बेहतरीन अवसर प्रदान करना है। इसी के साथ हम उन्हें एक ऐसा आदर्श प्लेटफॉर्म मुहैया कराना चाहते हैं, जहां वह बाकी साथियों से योग्यता और क्षमता के मामले में कुछ अलग हों।