उत्तराखंड ग्रामीण बैंक ने भारत सरकार व उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में 10708 लाभार्थियों को रु 200 करोड़ के ऋण वितरित किये

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देहरादून। उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के सभागार कक्ष में बैंक अध्यक्ष हरी हर पटनायक द्वारा वर्ष 2022-23 के वित्तीय परिणामों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में वित्तीय क्षेत्र में कई परिवर्तन हुये एवं बैंक के समक्ष कई चुनौतियाँ थी उसके उपरान्त भी बैंक की कई उपलब्धियों रहीं। बैंक द्वारा वर्ष 2022-23 में कुल रु 988 करोड़ की व्यवसाय वृद्धि की गयी एवं बैंक का कुल व्यवसाय स्तर 10ः266 करोड़ का स्तर प्राप्त किया गया एवं वृद्धि दर 10.60 प्रतिशत रही जबकि पिछले वर्ष 7.80 प्रतिशत थी। वर्ष 2022-23 मैं ऋण में पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष 12.78 प्रतिशत की वृद्धि की गयी तथा बैंक की जमाराशि में 9.75 प्रतिशत की वृद्धि हुयी।
यहां आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि बैंक द्वारा गत वर्ष रु 10 हजार करोड़ का व्यवसाय स्तर भी प्राप्त किया गया जो कि एक उल्लेखनीय उपलब्धि है तथा बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष रु 6.82 करोड़ की तुलना में इस वर्ष बढ़कर रु 43.78 करोड़ रहा। इस वित्तिय वर्ष में भारत सरकार व उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में 10708 लाभार्थियों को रु 200 करोड़ के ऋण वितरित किये गये। बैंक का नेट एनपीए 3.04 प्रतिशत से घटकर गत वर्ष मात्र 1.50 प्रतिशत रहा एवं गत वर्ष 29.27 करोड़ की कटौती की गयी जबकि वर्ष 2021-22 में यह मात्र 2.71 करोड़ की कटौती हुयी थी। संदिग्ध ऋणों की वसूली हेतु बैंक द्वारा एक मुश्त निपटारा योजना संचालित की गयी, जिसमें 952 लाभार्थियों द्वारा रू 12.72 करोड़ जमा किये गये (पूर्व वर्ष 590 खातों में रू 5.98 करोड़ वसूले गये।
पीएमएसबीवाई या पीएमजेजेबीवाई के अन्तर्गत 1.96 लाख का पंजीकरण किया गया जबकि पिछले वर्ष 0.70 लाख का पंजीकरण किया गया था। एपीवाई के अन्तर्गत 28702 पंजीकरण किये गये (पिछले वर्ष 2088 पंजीकरण हुये थे।) पीएमएसबीवाई या पीएमजेजेबीवाई के अन्तर्गत 128 लभार्थियों के रू 2.56 करोड़ के बीमा दावों का भुगतान किया गया। बैंक द्वारा गत वर्ष दो नयी शाखाएं खोली गयी। वर्ष 2022-23 में 150 नये बैंक मित्र जोड़े गये एवं 624 बैंक मित्रों के माध्यम से उत्तराखण्ड के सुदूर क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा प्रदान की जा रही है। इन बैंक मित्रों द्वारा 56590 नए बचत खाते खोले गये। बैंक द्वारा गत वर्ष अपने ग्राहकों को वाट्सअप बैंकिंग सुविधा प्रदान की गयी जिसके माध्यम से ग्राहक जमा शेष की जानकारी मिनी स्टेटमेंट एवं अन्य बैंकिंग जानकारी प्राप्त कर सकते है। बैंक द्वारा ऋण आवेदन हेतु उत्तराखण्ड सारथी एप का भी संचालन किया जा रहा है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति वाट्सअप न० 7088819197 में ऋण हेतु आवेदन कर सकता है एवं उसके उपरांत यूजीपी की टीम उचित सलाह व सहयोग देते हुए ऋण प्रदान करने में सहयोग करती है। बैंक के इन परिणामों की प्राप्ति ग्राहकों के विश्वास, स्टाफ की मेहनत व समर्पण तथा निदेशक मण्डल द्वारा दिये गये मार्गदर्शन से ही हो पाई है, इस अवसर पर बैंक प्रबन्धन ने भारत सरकार भारतीय स्टेट बैंक एवं उत्तराखण्ड सरकार का भी धन्यवाद ज्ञापित किया जिनके द्वारा समय-समय पर बैंक को सक्रिय सहयोग दिया गया श्री पटनायक ने कहा कि, बैंक उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्ध है तथा 2023-24 में किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन, परिवहन व्यवसाय व डैडम् में अधिक से अधिक ऋण वितरित करेगा एवं राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा आवंटित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करेगा। इस अवसर पर बैंक के महाप्रबन्धक अमिता स्तूणी, महाप्रबन्धक ईश्वर कुमार तथा महाप्रबन्धक विपिन चोपड़ा भी उपस्थित रहे।

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