तुलाज़ इंस्टीट्यूट और आईहब एडब्ल्यूएडीएच आईआईटी रोपड़ के बीच एमओयू स्थापित

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देहरादून: तुलाज़ इंस्टिट्यूट और आईहब एडब्ल्यूएडीएच आईआईटी रोपड़ के बीच ‘डेवलपमेंट ऑफ़ द सेण्टर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर आईओटी, आईसीपीएस, एग्रीकल्चर/फ़ूड प्रोडक्ट टेस्टिंग एंड ऐडब्लूऐडीएच टिंकरिंग लैब’ नामक परियोजना के तहत आज कॉलेज परिसर में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) स्थापित किया गया। यह साझेदारी 36.35 लाख रुपये के परियोजना निवेश द्वारा समर्थित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है।

इस परियोजना का उद्देश्य इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इंटीग्रेटेड साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (ICPS), कृषि और खाद्य उत्पाद परीक्षण में उत्कृष्टता का केंद्र बनाना है। तुलाज़ इंस्टीट्यूट और आईहब एडब्ल्यूएडीएच आईआईटी रोपड़ के बीच यह सहयोग इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान, विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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आईहब एडब्ल्यूएडीएच का प्रतिनिधित्व करने वाले मुकेश केस्टवाल और तुलाज़ इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. संदीप विजय ने इस परिवर्तनकारी साझेदारी को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता ने प्रौद्योगिकी और शिक्षा की प्रगति में महत्वपूर्ण प्रगति के लिए मंच तैयार किया है।

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एमओयू के बारे में बोलते हुए, तुलाज़ इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. संदीप विजय ने अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “आईहब एडब्ल्यूएडीएच आईआईटी रोपड़ के साथ यह सहयोग आईओटी, आईसीपीएस, कृषि और खाद्य उत्पाद परीक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। हमारा मानना है कि यह साझेदारी न केवल हमारे छात्रों के लिए सीखने के अनुभव को बढ़ाएगी बल्कि क्षेत्र में इन क्षेत्रों के विकास में भी योगदान देगी।”

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आईहब एडब्ल्यूएडीएच का प्रतिनिधित्व करने वाले मुकेश केस्टवाल ने कहा, “हम इस अभूतपूर्व पहल पर तुलाज़ इंस्टीट्यूट के साथ साझेदारी के लिए उत्साहित हैं। अपनी ताकतों को मिलाकर हम प्रौद्योगिकी और नवाचार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह साझेदारी अनुसंधान और शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”

इस अवसर पर तुलाज़ ग्रुप के उपाध्यक्ष रौनक जैन और तुलाज़ इंस्टीट्यूट में टेक्नोलॉजी के उपाध्यक्ष डॉ.राघव गर्ग भी उपस्थित रहे।