टीएचडीसीआईएल ने सार्वजनिक क्षेत्र के मानव संसाधन प्रबंधन में उत्कृष्टता लाने के लिए ‘एचआर रिट्रीट: नेविगेटिंग इमर्जिंग ट्रेंड्स’ प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का आयोजन किया

301
Voice of Uttarakhand

ऋषिकेश –     विद्युत क्षेत्र के कार्यबल की बढ़ती आवश्‍यकताओं को पूरा करने एवं उन्हें अत्याधुनिक मानव संसाधन तकनीकी समाधान प्रदान करने की प्रतिबद्धता के साथ, ऋषिकेश में टीएचडीसीआईएल द्वारा तक्षशिला सतत आजीविका एवं सामुदायिक विकास केंद्र, में “एच.आर. रिट्रीट: नेविगेटिंग इमर्जिंग ट्रेंड्स” एक परिवर्तनकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री आर.के.विश्‍नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड राष्ट्र को किफायती 24×7 विद्युत प्रदान करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ-साथ उन्नत प्रशिक्षण पद्धतियों और मानव संसाधन पहलों के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में परिवर्तन को भी प्रेरित कर रहा है।

इसके अलावा श्री आर.के.विश्‍नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्यम स्तर के मानव संसाधन प्रबंधकों के लिए तैयार किया गया है जो कि संगठनात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने टीएचडीसीआईएल के तक्षशिला सतत आजीविका और सामुदायिक विकास केंद्र के महत्व को भी रेखांकित किया और नवोन्मेषी हितधारक से जुड़ाव और कौशल वृद्धि पहल के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में इसकी सराहना की।

Also Read....  सेवा संकल्प अभियान' के तहत नानकमत्ता पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान

16 से 18 मई, 2024 तक आयोजित किये जा रहे इस एचआर रिट्रीट कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती गीता कपूर, एसजेवीएन लिमिटेड की पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एवं श्री शैलेंद्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसीआईएल द्वारा किया गया। श्रीमती गीता कपूर ने संगठनात्मक प्रगतिशीलता और लचीलेपन को बढ़ावा देने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मानव संसाधनों के तेजी से विकसित हो रहे परिदृश्य को अपनाने के विशेष महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संगठनात्मक उत्कृष्टता प्राप्त करने में मानव संसाधन प्रथाओं की परिवर्तनकारी क्षमता पर भी अपने विचार व्‍यक्‍त किए।

 

श्री शैलेंद्र सिंह ने एक प्रगतिशील कॉर्पोरेट लोकाचार विकसित करने के लिए टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दोहराई, कार्यक्रम को भविष्य के मानव संसाधन नेतृत्‍वकर्ताओं को तैयार करने के लिए आधारशिला के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समकालीन मानव संसाधन प्रतिमानों की समग्र समझ प्रदान करता है। टीम की गतिशीलता, नेतृत्व गुण, एचआर मेट्रिक्स उपयोग और परिवर्तनकारी प्रबंधन रणनीतियों जैसे विविध विषयों को शामिल करते हुए, यह विशेष कार्यक्रम प्रतिभागियों को आधुनिक कार्यबल गतिशीलता के साथ जटिलताओं में भी संचालन करने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करता है। विशेष रूप से, यह कार्यक्रम मानव संसाधन कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वाक्य विन्यास जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के एकीकरण पर प्रकाश डालता है, जो उपक्रम की प्रतिस्‍पर्धा में सबसे आगे रहने के लिए टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Also Read....  मुख्यमंत्री ने आयुष एवं ईएसआई के 332 नव नियुक्त कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

श्री शैलेंद्र सिंह ने कहा कि टीएचडीसीआईएल, एसजेवीएन, रैटल एचपीसीएल, पीजीसीआईएल, आरईसी लिमिटेड, एनईईपीसीओ, यूजेवीएन लिमिटेड और एनएचपीसी जैसे प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले 35 मध्य-स्तरीय अधिकारियों की भागीदारी के साथ, यह ओपन डायनेमिक मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम “एचआर रिट्रीट” : उभरती तकनीको को संचालित करता है। मानव संसाधन कार्यक्षेत्र के अधिकारियों को एक साझा मंच प्रदान करने और सीपीएसई द्वारा सामना किए जा रहे मानव संसाधन मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करता है।

Also Read....  एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले बॉक्सर कपिल पोखरिया ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट।

उक्‍त प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभगियों को आईआईएम सिरमौर के विशेष व्यक्तित्‍व डॉ. रिंकी दहिया के विशेषज्ञता से युक्‍त व्‍याख्‍यान से लाभांवित किया गया, जिसमें उच्च-गुणवत्ता, उद्योग-प्रासंगिक सामग्री भी उपलब्‍ध करवायी गई हैं।

श्री वीर सिंह, मुख्‍य महाप्रबंधक (मा.सं. एवं प्रशा.), टीएचडीसीआईएल के साथ कार्यक्रम निदेशक, श्री एस.के. शर्मा, अपर महाप्रबंधक (मा.सं.विकास), टीएचडीसीआईएल और कार्यक्रम समन्वयक श्री रवि बुढलाकोटी, प्रबंधक (मा.सं.वि.) ने कार्यक्रम की अवधारणा, परिकल्‍पना एवं कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम अत्याधुनिक ज्ञान और व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान करने, सार्थक परिवर्तन लाने और निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से आयोजित किया जा रहा है।