तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल में टिसमन का तीसरा संस्करण आरंभ

187
Voice of Uttarakhand

देहरादून – तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल में टिसमन (तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल मॉडल यूनाइटेड नेशन्स) के तीसरे संस्करण की भव्य शुरुआत एक उद्घाटन समारोह के साथ हुई, जिसमें उत्साही युवा प्रतिनिधि, अनुभवी मार्गदर्शक और दूरदर्शी शिक्षक शामिल हुए।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. दिलीप कुमार पांडा मौजूद रहे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने छात्र प्रतिनिधियों को वैश्विक संवाद और कूटनीति की कला में गहराई से भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

समारोह की शुरुआत एक म्यूजिक बैंड प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद एक रंगारंग नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल की रचनात्मकता, प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता को बखूबी दर्शाया। इसके पश्चात एक नाटक मंचित किया गया जो समसामयिक वैश्विक समस्याओं पर आधारित था। इसके बाद आए वक्ताओं ने अपने संबोधन में कूटनीति, नेतृत्व और वैश्विक मामलों में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह का मुख्य आकर्षण तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल के हेडमास्टर और टिसमन के सेक्रेटरी-जनरल द्वारा टिसमन 2025 के उद्घाटन की घोषणा रही।

Also Read....  कोषागार कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड के प्रांतीय अध्यक्ष बने नरेंद्र सिंह नेगी, दिवाकर कोठारी निर्वाचित हुए महामंत्री

टिसमन 2025 के पहले दिन आठ विविध समितियों की कार्यवाही आयोजित की गई, जिनमें प्रत्येक ने अलग-अलग वैश्विक और राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में “गैर-राज्य सेनाओं का उदय: मिलिशिया, गैंग और आतंकी समूहों पर नियंत्रण” जैसे ज्वलंत मुद्दे पर विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह, अखिल भारतीय राजनीतिक दलों की बैठक (एआईपीपीएम) ने “भारत में आरक्षण नीति की पुनर्समीक्षा: जातिगत जनगणना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडबल्यूएस) के आरक्षण पर विशेष बल” विषय पर बहस की। संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) ने “विदेश नीति और आर्थिक रणनीति के रूप में मादक पदार्थों की तस्करी की भूमिका” को लेकर चर्चा की।

Also Read....  देहरादून में जिला योजना समिति चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 12 अक्टूबर से, मतदान व मतगणना 16 अक्टूबर को

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) में “अवैध वित्तीय प्रवाह पर रोक और सतत विकास के लिए वित्तीय भागीदारी को बढ़ावा” विषय पर विचार हुआ। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने “युगांडा के एंटी-होमोसेक्सुअलिटी अधिनियम का मानवाधिकारों पर प्रभाव” जैसे संवेदनशील मुद्दे पर संवाद किया। इंटरनेशनल प्रेस दो शाखाओं में विभाजित रही—एक ने वीडियोग्राफी और पत्रकारिता को कवर किया, जबकि दूसरी ने कैरिकेचर और फोटोग्राफी को।

Also Read....  शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

इस वर्ष टिसमन में दो नवाचारपूर्ण समितियों की शुरुआत भी की गई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) समिति में “आईपीएल मेगा नीलामी 2026” पर चर्चा हुई, जिसमें खेल, रणनीति और चयन की बारीकियों पर विचार किया गया। वहीं, इंडियन फिल्म्स एंड कल्चरल रिफॉर्म्स काउंसिल (आईएफसीआरसी) में “लाइट्स, कैमरा, इनोवेशन: तकनीक, दृष्टिकोण और नेपोटिज्म की चुनौती के माध्यम से भारतीय सिनेमा में सुधार” विषय पर विमर्श हुआ।

टिसमन 2025 का पहला दिन संवाद, रचनात्मकता और नेतृत्व के रंग में रंगा रहा, जहाँ छात्र प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा करते हुए अपने विचारों और दृष्टिकोण से सबको प्रभावित किया।