उत्तराखंड में बनी फिल्म टिंचरी माई: द अनटोल्ड स्टोरी का पोस्टर एवं ट्रेलर लांच किया।

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देहरादून: उत्तराखंड में बनी फिल्म टिंचरी माई: द अनटोल्ड स्टोरी का पोस्टर एवं ट्रेलर लांच कार्यक्रम आयोजित किया गया यह कार्यक्रम देहरादून के प्रिंस चौक स्थित एक होटल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ फिल्म निर्देशकः के.डी. उनियाल, निर्माताः नवीन नौटियाल, लेखकः लोकेश नवानी एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ किया।

कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए निर्देशकः के.डी. उनियाल ने बताया कि “यह फ़िल्म उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध जोगन और सामाजिक आन्दोलनकारी टिंचरी माई के जीवन से प्रेरित है और उनके संघर्ष, त्याग, दुःख, हिम्मत, जुझारूपन और सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई की कहानी को आधार बनाकर लिखी गई है। जिसका कथानक नया और समाकालीन है।

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वही फिल्म के निर्माता नवीन नौटियाल ने बताया कि ” फ़िल्म की शूटिंग बौंठ गांव, टिहरी, चोपता, उखीमठ, धारी देवी, मलेथा, देवप्रयाग संगम, बुग्गावाला, ज्वाल्पाजी, गवांणी तथा देहरादून के झंडाजी महाराज, गांधी पार्क, माल देवता, राजपुर मार्ग तथा अन्य अनेक स्थानों में हुई है। फ़िल्म में 50 से अधिक कलाकारों ने अभिनय किया है।

कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए फिल्म के लेखक लोकेश नवानी ने बताया कि ” टिंचरी माई यानी ठगुली देवी का जन्म पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण ब्लॉक के मंज्यूर गांव में हुआ था। छोटी उम्र में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया था और 13 साल की उम्र में उनका विवाह उनसे 11 साल बड़े गवांणी गांव के गणेशराम नवानी से हो गया। फौजी गणेशराम उन्हें अपने साथ क्वेटा ले गए। वे द्वितीय विश्वयु( में शहीद हो गए, वह अकेली रह गई। वे अपने दो बच्चों को लेकर गांव लौटीं तो कुछ समय बाद हैजे से उनके दोनों बच्चों की मृत्यु हो गई। परिवार और समाज ने न केवल उनका तिरस्कार किया, बल्कि इतना प्रताड़ित किया कि उन्होंने घर त्याग दिया और उस समय के पिछड़े हुए क्षेत्र कोटद्वार भाबर में आकर जोगन बन गईं। अब उनके जीवन की नई लड़ाई शुरू हुई, सामाजिक सरोकारों की, टिंचरी माई ने स्वयं शिक्षित न होते हुए भी समाज में निरक्षरता दूर करने के लिए मोटाढाक कोटद्वार में स्कूल खोला, सिगड्डी गांव में पीने के पानी की लड़ाई लड़ी और टिंचरी जैसी बुराई के खिलाफ़ एक सामाजिक आन्दोलन चलाया। जिसमें उन्होंने टिंचरी यानी शराब बेचने वाले माफिया की दुकान को आग लगा दी। यह फ़िल्म समाज की पितृसत्तात्मक बुनावट, स्त्री सशक्तीकरण और सामाजिक बदलाव जैसे सवालों को उठाती है।

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कार्यक्रम में चंद्रवीर गायत्री प्रदेश अध्यक्ष बीएसपीएस, राजीव थपलियाल प्रदेश महामंत्री, पुष्कर नेगी अध्यक्ष चमोली , विवेक तोमर, एस पी दूबे बीएसपीएस, नवल खाली एवं सत्यनारायण गायत्री उपस्थित रहे।

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इस फिल्म का प्रोडक्शनः एन. एन. प्रोडक्शन द्वारा किया गया हैं। कार्यक्रम में एंजेल्स ड्रीम एंटरटेनमेंट कि ओर से संजय मैठानी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।