मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा हेतु एलपीजी आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखने का किया अनुरोध

102
Voice of Uttarakhand

नई दिल्ली  – मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री  हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में भेंट कर उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदाजन्य संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के निर्बाध, सुरक्षित एवं सुचारू संचालन हेतु व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पूर्ववत् 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में अप्रैल से नवम्बर तक संचालित होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे व्यावसायिक एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस अवधि में राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।

Also Read....  मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री ने कहा कि जून से सितम्बर के मध्य मानसून अवधि में राज्य को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय भू-भाग एवं दुर्गम परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में एलपीजी गैस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने व्यावसायिक सिलेंडरों का अतिरिक्त 5 प्रतिशत (लगभग 48,397 सिलेंडर) आवंटन सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

Also Read....  मसूरी विधानसभा के सालावाला में ₹181.74 लाख की लागत से आंतरिक मार्गों एवं नालियों के निर्माण कार्यों का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्यतः पर्यटन आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन एवं साहसिक पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। चारधाम यात्रा राज्य की आस्था, सांस्कृतिक पहचान एवं आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार है।

Also Read....  मसूरी विधानसभा के सालावाला में ₹181.74 लाख की लागत से आंतरिक मार्गों एवं नालियों के निर्माण कार्यों का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शिलान्यास

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्रदान किया तथा राज्य के हितों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।