ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं एवं उपलब्धियों की मंत्री ने की समीक्षा

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– “गुलदस्ते नहीं, स्थानीय उत्पाद हों सम्मान का प्रतीक” — भरत सिंह चौधरी

देहरादून – आज ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम (MSME), खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया। यमुना कॉलोनी में आयोजित बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विगत वित्तीय वर्ष की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने ग्राम्य विकास विभाग की संरचना के अंतर्गत पदोन्नति एवं सीधी भर्ती से संबंधित जानकारी भी मंत्री जी को उपलब्ध कराई। साथ ही विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी प्रदर्शित किया गया।

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प्रस्तुतिकरण में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों जैसे — N.R.L.M., ग्रामोत्थान-REAP, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, SRLM, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा PMGSY आदि की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2025-26 में हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के कुल ₹3.01 करोड़ के उत्पादों की बिक्री की गई। वहीं महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत समयबद्ध 99.82% भुगतान कर उत्तराखंड राज्य ने देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया।

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अधिकारियों ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ₹290.10 करोड़ तथा जी-राम योजना हेतु ₹705.25 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।

मंत्री  भरत सिंह चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि KVK कर्मचारियों के कौशल विकास हेतु उनके एक्सपोज़र विजिट भी आयोजित किए जाएं, ताकि वे नवीन तकनीकों एवं बेहतर कार्यप्रणालियों से परिचित हो सकें।

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मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में शिष्टाचार भेंट अथवा अन्य अवसरों पर गुलदस्ता भेंट करने के स्थान पर स्थानीय उत्पादों को उपहार स्वरूप देने की नई परंपरा विकसित की जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिल सके।

इस अवसर पर सचिव ग्राम्य विकास  धीराज सिंह गबरियाल, अपर सचिव/आयुक्त ग्राम्य विकास  अनुराधा पाल, अपर सचिव/सी.ई.ओ.  झरना कमठान सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।