देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल प्रतिनिधि रामानंद भट्ट ने सचिव बंशीधर तिवारी को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

33
Voice of Uttarakhand

देहरादून। देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधि रामानंद भट्ट ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के सचिव एवं उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सचिव  बंशीधर तिवारी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने  तिवारी को देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ओर से प्रतीक चिन्ह एवं स्मृति चिन्ह (Souvenir) भेंट कर सम्मानित किया।

रामानंद भट्ट ने  बंशीधर तिवारी को देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के सफल आयोजन तथा उत्तराखंड में फिल्म गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और यहां उपलब्ध शूटिंग लोकेशनों को देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से फिल्म फेस्टिवल लगातार कार्य कर रहा है।

Also Read....  श्रीनगर में मुख्यमंत्री के स्वागत को सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

इस अवसर पर  बंशीधर तिवारी ने देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड में फिल्म महोत्सव जैसे आयोजन राज्य की फिल्म संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश को एक बेहतर फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने तथा स्थानीय कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

Also Read....  सूचना विभाग में 30 वर्ष की दीर्घकालीन सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए रईस अहमद, महानिदेशक ने दी भावभीनी विदाई

रामानंद भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार एवं फिल्म विकास परिषद का सहयोग प्रदेश में फिल्म निर्माण को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां, प्रतिभाशाली कलाकार और फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण प्रदेश को देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।

Also Read....  कृषि मंत्री गणेश जोशी ने की विभागीय समीक्षा, टी महोत्सव की तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश

उन्होंने  बंशीधर तिवारी द्वारा दिए गए प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रोत्साहन से फिल्म निर्माताओं और कलाकारों का मनोबल बढ़ता है तथा वे सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं।