अनोखा जासूस, रहस्यमयी मौत – सुसाइड या मर्डर? सोनी सब पर

117
Voice of Uttarakhand

– एकेन बाबू की धमाकेदार अंदाज़ में हुई शुरुआत

मुंबई, –  सोनी सब पर 24 नवंबर से शुरू हुआ बहुप्रतीक्षित डिटेक्टिव कॉमेडी शो एकेन बाबू, जिसमें बंगाल के चहेते, सादगीभरे जासूस एकेंद्र सेन (अनिर्बान चक्रबर्ती) अब हिंदी टेलीविजन पर नजर आ रहे हैं। आठ वेब सीजन और तीन फिल्मों के जरिए दर्शकों का दिल जीतने के बाद, यह थोड़ा अलग, खाने का शौकीन जासूस अब अपने खास अंदाज, पैनी नजर और अनोखे सॉल्विंग स्टाइल के साथ टीवी पर एंट्री कर रहा है। गहरे और तीखे क्राइम सॉल्वर से बिल्कुल अलग, एकेन बाबू का सादगी भरा, आम व्यक्ति वाला स्वभाव उसके असाधारण केस सॉल्व करने के अंदाज को और भी मज़ेदार बना देता है।

Also Read....  राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री धामी ने किया युवाओं से संवाद

शुरुआती एपिसोड्स में, एकेन बाबू का अजीबो-गरीब अंदाज में बेंगलुरु के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में पहुंचना जल्द ही गंभीर मोड़ ले लेता है, जब वहां के रिहायशी किरित पटेल की मौत हो जाती है, जिसे पुलिस ‘सुसाइड’ करार दे देती है। लेकिन एकेन की तेज इंस्टिंक्ट कुछ और ही कहती है। जैसे-जैसे वह क्राइम सीन को गौर से देखता है, रेज़िडेंट्स से पूछताछ करता है, एक रहस्यमयी ज्योतिषी से मिलता है और पटेल की राजों से भरी डायरी तक पहुंचता है, उसके शक और गहरे होते जाते हैं। टुकड़ा-टुकड़ा जोड़ते हुए वह ऐसा केस खड़ा करता है जो साफ तौर पर मर्डर की ओर इशारा करता है — और यहीं से उठता है एक बड़ा सवाल: अगर पटेल ने खुदकुशी नहीं की, तो फिर उसे मारा किसने?

Also Read....  ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल

एकेन बाबू की भूमिका निभा रहे अनिर्बान चक्रबर्ती कहते हैं, “इस ट्रैक को रोमांचक बनाता है ये तथ्य कि एकेन बाबू ऐसे केस में कदम रखता है जिसे सब पहले ही सुसाइड मानकर बंद कर चुके हैं, लेकिन उसका दिमाग सतह पर दिख रही बातों को मानने से इनकार कर देता है। वो उन बेहद छोटे-छोटे अंतरों को नोटिस करता है, जिन्हें आम लोग शायद देख भी न पाएं — और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। एकेन को इस मोमेंट पर निभाना मेरे लिए बहुत रोमांचक है, क्योंकि आप देखते हैं कि कैसे उसकी इंस्टिंक्ट जाग जाती है, उसकी जिज्ञासा और तेज हो जाती है, और सच तक पहुंचने का उसका यकीन इतना पक्का हो जाता है कि वो सबके विश्वास को चैलेंज करने के लिए तैयार हो जाता है। यही है एकेन बाबू की असली पहचान — वो अपनी ऑब्ज़र्वेशन स्किल्स पर भरोसा करता है, भले ही बाकी कोई उस पर यकीन न करे।”

Also Read....  ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल

देखिए एकेन बाबू, हर सोमवार से शनिवार, रात 10 बजे, सिर्फ सोनी सब पर