गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर जिलाधिकारी सख्त; संलिप्तों पर प्राथमिकी दर्ज

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एजेंसी की भूमिका संदिग्ध; समस्त गैस ऐजेसिंयो को चेतावनी; समस्त कार्मिकों का सत्यापन व वितरण प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करने के निर्देश

समस्त क्यूआरटी टीमों को निर्देश; एजेसियों पर तैनात कार्मिकों की सत्यापन अभिलेख; वितरण प्रणाली पर रखे पैनी नजर

वस्तु अधिनियम, 1955 एवं प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026 तहत् जिला प्रशासन की कार्रवाही मुकदमा दर्ज

देहरादून –  जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। ऋषिकेश क्षेत्र के बनखण्डी में एक वाहन (संख्या यूके14सीए-6186) में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग की शिकायत प्राप्त होने पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रकरण की जांच कराई जिसमें पाया गया कि उक्त वाहन ऋषिकेश स्थित मै० अंकुर गैस एजेंसी, प्रगतिविहार से संबंधित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया गया।
एजेंसी प्रबंधन द्वारा बताया गया कि संबंधित वाहन चालक योगेन्द्र कुमार एवं उसके सहयोगी आशीष को वीडियो सामने आने के बाद कार्य से हटा दिया गया है। अभिलेखों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त व्यक्तियों के संबंध में एजेंसी के पास कोई विधिवत सत्यापन अथवा नियुक्ति संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए। जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम द्वारा अभिलेखों के परीक्षण में यह भी पाया गया कि 12.04.2026 तक उक्त वाहन एवं चालक को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही थी, जिससे एजेंसी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई।
वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य-पूर्व क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर संभावित प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (अद्यतन) एवं प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026 के तहत सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। इन प्रावधानों के अंतर्गत अवैध भंडारण, कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग दंडनीय अपराध है।
उक्त प्रकरण में वाहन चालक योगेन्द्र कुमार पुत्र गुलाब सिंह, निवासी आदर्श नगर, हरि विहार, बल्लभगढ़, फरीदाबाद (हरियाणा), उनके सहयोगी आशीष तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 एवं भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
जिलाधिकारी ने के कड़े निर्देश हैं कि गैस की कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग एवं उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने समस्त कार्मिकों का सत्यापन सुनिश्चित करें तथा वितरण प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करें।
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जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सतत प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 12 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 16275 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 817 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 28937 तथा व्यवसायिक का 4745 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।

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