ऊर्जा हमारे देश की अर्थव्यवस्था की विकासात्मक आवश्यकताओं का अभिन्न अंग

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Dehradun – ऊर्जा हमारे देश की अर्थव्यवस्था की विकासात्मक आवश्यकताओं का अभिन्न अंग है। यद्यपि हम विश्व के तीसरे सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता है, फिर भी हमारी प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत विश्व औसत का एक तिहाई है। यह अनुमान है कि 2040 तक ऊर्जा की खपत दोगुनी होने की संभावना है। सरकारी नीतियों और सुधारों के माध्यम से, हम ऊर्जा न्याय, ऊर्जा पहुंच और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। ऊर्जा संरक्षण और दक्षता पर हमारा ध्यान इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए, ऊर्जा के स्वच्छ और हरित रूप में स्विच करना हमारी सरकार के प्राथमिकता वाले क्षेत्री में से एक रहा है। हरित और स्वच्छ ईंधन को अपनाने से ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता उपायी का तेल आयात पर सीधा प्रभाव पड़ता है और हमारे कार्बन पदचिहन को कम करने में भी मदद मिलती है।

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ऊर्जा संरक्षण और दक्षता के बारे में नागरिकों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (पीसीआरए) 11 अप्रैल 2022 से तक पीसीआरए सक्षम 2022″ नामक एक जन जागरूकता अभियान का आयोजन कर रहा है।

हरित और स्वच्छ ऊर्जा अपनाएं आजादी का अमृत महोत्सव मनाएं

Azadi Ka Amrit Mahotsav through Green and Clean energy हरित और स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के एक हिस्से के रूप में, लक्षित गतिविधियों के एक सेट के साथ विभिन्न हितधारकों तक पहुंचने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। ये गतिविधिया अभियान की अवधि के दौरान तेल एवं गैस कंपनियों और अन्य हितधारको समन्वय से पीसीआरए दद्वारा प्रत्येक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में संचालित की जाएगी। कार्यक्रम राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी और समर्थन आयोजित किए जाते हैं।

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इस संबंध में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत थे। विशिष्ट अतिथि निदेशक आईआईपी ये समारोह की अध्यक्षता श्री प्रभातकुमार वर्मा, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग देहरादून (आईओसीएल उत्तराखंड के मंडल खुदरा प्रमुख ने की। इस अवसर पर डॉ. धन सिंह रावत ने ईंधन के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया जो कच्चे तेल की खरीद में भारी विदेशी मुद्रा शामिल होने के कारण अर्थव्यवस्था पर पर्याप्त प्रभाव डाल सकता है। कार्यक्रम में छात्रों और जनता को शामिल करते हुए एक मानव श्रृंखला भी बनाई गई। कार्यक्रम में श्री निशांत कुमार क्षेत्रीय प्रबंधक एचपीसीएल श्री आयुष अग्रवाल, वरिष्ठ प्रबंधक बीपीसीएल भी उपस्थित थे।

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