एचसीएल टेक्नोलॉजीज को शहरी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय सीएसआर पुरस्कार से सम्मानित किया गया

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Voice of Uttarakhand

देहरादून- विश्व स्तर पर टेक्नोलॉजी की अग्रणी कंपनी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज (एचसीएल) ने कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित एवं अत्यंत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सीएसआर पुरस्कार-2020 जीतने में सफलता प्राप्त की है।

इस पुरस्कार के माध्यम से एचसीएल टेक्नोलॉजीज की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) शाखा, एचसीएल फ़ाउंडेशन द्वारा शहरी झुग्गी बस्तियों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले समुदायों के निष्पक्ष और सतत विकास की दिशा में किए गए असाधारण एवं अग्रणी कार्यों को सम्मानित किया गया है।

भारत सरकार ने झुग्गी बस्तियों के विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में चिन्हित किया है। एचसीएल उदय, एचसीएल फ़ाउंडेशन का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से शहरी झुग्गी बस्तियों तथा सड़कों पर रहने वाले प्रवासी कामगारों एवं कामकाजी बच्चों सहित सुविधाहीन तबके के लोगों को बड़े पैमाने पर सहायता प्रदान की जाती है। यह संगठन बच्चों के लिए शिक्षा, लाभकारी रोजगार के लिए कौशल विकास, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ एवं स्वच्छता सेवाएँ, स्वच्छ पेयजल के स्रोत के अलावा बहुत सी अन्य सेवाएँ प्रदान करता है, ताकि इन समुदायों का निष्पक्ष व समान रूप से विकास हो सके। इस कार्यक्रम से अब तक 11 भारतीय शहरों में 560,000 से अधिक जरूरतमंद लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

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इस मौके पर श्री सी. विजयकुमार, सीईओ एवं प्रबंध निदेशक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, ने कहा, “एचसीएल टेक्नोलॉजीज स्थानीय समुदायों की सेवा करने और उन सभी क्षेत्रों में समावेशी विकास एवं सामाजिक प्रगति में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जहाँ हम अपने कार्यों का संचालन करते हैं। एचसीएल फ़ाउंडेशन में अब तक 900 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा चुका है और भारत में इस संगठन के सीएसआर की मौजूदगी का दायरा सबसे बड़ा है जिसने शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से 3.7 मिलियन से अधिक लोगों को लाभान्वित किया है। हम इस सम्मान के लिए भारत सरकार के आभारी हैं। यह हमारे लिए समुदायों को बेहतर बनाना जारी रखने और धरती को सभी के लिए एक-समान एवं संवहनीय बनाने की दिशा में अपने प्रयासों को दोगुना करने के लिए प्रोत्साहन का एक बड़ा स्रोत है।”

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वर्ष 2012 में स्वयंसेवकों द्वारा संचालित पहल के रूप में एचसीएल उदय की शुरुआत हुई थी जिसे वर्ष 2016 में सुव्यवस्थित और औपचारिक तरीके से लॉन्च किया गया था। जमीनी स्तर पर चलाए जा रहे विभिन्न गतिविधियों और पहलों के साथ निरंतर जारी कार्यक्रम के रूप में इसकी परिकल्पना की गई थी। एचसीएल फ़ाउंडेशन को इस बात पर पूर्ण विश्वास है कि समुदाय स्वयं को गरीबी से बाहर निकालने तथा आत्मसम्मान एवं स्वाभिमान की जिंदगी जीने का सामर्थ्य रखते हैं, और यही एचसीएल उदय की मूल भावना है। उदय की सभी गतिविधियों में इसी विचार की झलक दिखाई देती है, और यह भावना समुदाय को परिस्थितियों के अनुरूप ढलने में सक्षम बनने और सफलता के मार्ग पर ले जाती है। एचसीएल के सभी कार्यक्रमों में कर्मचारियों का जुड़ाव और उनकी भागीदारी सबसे अहम है। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए https://www.hclfoundation.org/hcl-uday पर जाएँ।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए श्रीमती निधि पुंधीर, उपाध्यक्ष एवं निदेशक, एचसीएल फ़ाउंडेशन ने कहा, “हमारे कार्यक्रमों ने जमीनी स्तर पर जो प्रभाव डाला है, उस पर हमें गर्व है। हमने एचसीएल उदय के माध्यम से शहरी गरीबों को सम्मानजनक और गरिमामय जिंदगी प्रदान करने की कोशिश की है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमारे प्रयासों को राष्ट्रीय प्राथमिकता की श्रेणी में मान्यता दी गई है। इससे एक बार फिर से इस बात की पुष्टि होती है कि एचसीएल फ़ाउंडेशन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों में योगदान देने के अपने दृष्टिकोण पर अटल है। हमारी टीम और इस परियोजना से जुड़े सभी भागीदारों को बहुत-बहुत बधाई।”

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कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा स्थापित वार्षिक राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पुरस्कार के माध्यम से उन कंपनियों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने अपनी नवोन्मेषी और सतत सीएसआर पहलों के माध्यम से समाज को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा इस श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।