टीम इंडिया लीजेंड्स की फ्रेंचाइजी ओनर निकी दास को देहरादून शहर ने मंत्रमुग्ध किया

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Voice of Uttarakhand

देहरादून  – टीम इंडिया लीजेंड्स, की फ्रेंचाइजी ओनर निकी दास मनोरंजन, फैशन और खेल के क्षेत्र में एक मजबूत स्व-निर्मित व्यक्तित्व है। उनके रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ टी २0 क्रिकेट लीग के दूसरे सीज़न में उनका जुड़ाव सड़कों पर उनके व्यवहार के प्रति लोगों के दृष्टिकोण को प्रभावित करना है। इसके पीछे उनका उद्देश्य यही है की दुनिया भर में खेल और मनोरंजन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाना जाये।

’जब उन्होंने इस मुहिम की शुरुवात की और कहा’,“ क्रिकेट के टूर्नामेंट के दौरान हमारे कुछ मैच देहरादून में थे और इस पूरे टूर्नामेंट में देहरादून मेरा पसंदीदा शहर रहा है। देहरादून के लोग कितने सुसंस्कृत हैं, यहा का वातावरण कितना शुद्ध है। मुझे अच्छा खाना और शांत स्थानों से प्यार है। यहां के लोग सड़क सुरक्षा के महत्व को समझते है और इसका सक्ति से पालन भी करते हैं।

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“मै अपने आपको रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़, सीज़न २ के रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रही हुं। मेरे मन में खेलों के प्रति बहुत सम्मान है। इस टूर्नामेंट के माध्यम से, हम लोगों को यह संदेश देना चाहते है कि, लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सक्तीसे करना चाहिए।“
इस जबरदस्त टीम का मार्गदर्शन महान कप्तान सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व में हो रहा है और उनकी टीम में क्रिकेट के दिग्गज शामिल हैं जैसे – युवराज सिंह, इरफान पठान, यूसुफ पठान, हरभजन सिंह, मुनाफ पटेल, एस बद्रीनाथ, स्टुअर्ट बिन्नी, नमन ओझा, मनप्रीत गोनी, प्रज्ञान ओझा, विनय कुमार, अभिमन्यु मिथुन, राजेश पवार और राहुल शर्मा।

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इस लीग का महत्वपूर्ण उद्देश्य है देश में सामाजिक बदलाव लाना और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों के नजरिए को बदलना है। क्योकि क्रिकेट भारत देश में सबसे अधिक फॉलो किया जाने वाला खेल है और ऐसे दिग्गज क्रिकेटरों को लोग अपना आदर्श मानते है, यह लीग लोगों के व्यवहार और उनकी मानसिकता को प्रभावित करने के लिये एक बडे मंच के रूप में काम करेगी।

सड़क सुरक्षा क्यों? इस सवाल का कारण यह है कि भारतीय सडक कि तुलना यूरोपीय देशों से कि जाति है और देखा जाये तो अनुमानित आकडे कहते है कि भारत में हर चार मिनट में एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसें में होती है। यह विषय अधिक चिंताजनक है कि विश्व अनुसंधान संस्थान के अनुसार, यह देखा गया है कि २030 तक, हर साल सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या २.२ मिलियन तक पहुंच जाएगी और ५0 प्रतिशत भारतीय होंगे।

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हमारे देश में सड़क हादसों में हर साल करीब १५0000 लोगों की मौत होती है और ४५0000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। तो आइए सुरक्षित ड्राइविंग और मजेदार क्रिकेट के साथ जीवन के सफर पर चलते हैं और उसका आनंद लेते है।