यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने रिजर्व बैंक इनोवेशन हब के सहयोग से फॉर्म 15जी एवं एच जमा करना सरल किया

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देहरादूनयूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई)देश के सार्वजनिक क्षेत्र के पांचवे सबसे बड़े बैंक ने  रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआइएच) के सहयोग से बैंक के व्हाट्सएप चैनलयूनियन वर्चुअल कनेक्ट (यूवीकॉन) के माध्यम से अपने ग्राहकों के लिए फॉर्म 15जी एवं एच के वार्षिक प्रस्तुतीकरण की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराकर इसे सरल बनाया. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक बैंक के पास अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से बैंक के नंबर 09666606060′ पर ‘Hi’ भेजकर यूवीकॉन के माध्यम से विभिन्न भाषाओं में बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. बैंक ने आरबीआईएच के सहयोग से अब यूवीकॉन के माध्यम से “फॉर्म 15जी एवं एच की परेशानी मुक्त प्रस्तुतिकरण” की अतिरिक्त सुविधा की शुरूआत की है. फॉर्म 15 जी एवं एच स्व-घोषणा पत्र हैं जिनका उपयोग क्रमशः 60 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों द्वारा टीडीएस से छूट का दावा करने के लिए किया जाता है.

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 नितेश रंजन, बैंक के कार्यपालक निदेशकने इस पहल के बारे में बताया कि , “यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने पहले किसान क्रेडिट कार्ड के डिजिटलीकरण का आरंभ करने के लिए रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) के साथ मिलकर काम किया है. इस पहल में आगे बढ़ते हुएबैंक और आरबीआईएच ने अब बैंक के व्हाट्सएप चैनल यूनियन वर्चुअल कनेक्ट (यूवीकॉनके माध्यम से “फॉर्म 15जी एवं एच का परेशानी मुक्त प्रस्तुतिकरण” लॉन्च किया है. उन्होंने आगे दोहराया कि “यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने हमेशा अपने वरिष्ठ नागरिक और टेक सैवी ग्राहक, दोनों की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया है और बैंक वित्तीय सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाने का प्रयास करेगा.

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आरबीआईएच के सीईओ श्री राजेश बंसल ने बताया, ” आरबीआईएच में  हम प्रत्येक नागरिक के लिए वित्तीय उत्पादों और समाधानों को सुलभ बनाने के एकमात्र उद्देश्य के साथ काम करते हैं. वरिष्ठ नागरिक हमारी आबादी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैंऔर इस पहल का उद्देश्य आम तौर पर जटिल 15 जी एवं एच फॉर्म प्रस्तुत करने को ऐसे संचार माध्यमों से सरल बनाना है जिनके वे पहले से ही आदी हैं. इसका मतलब है कि समाधान को अपनाना आसान हो जाता है और जमा करने की प्रक्रिया बैंक और नागरिक दोनों के लिए सरल हो जाती है.

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