राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किए भगवान बद्री विशाल के दर्शन।

312

– बदरीनाथ धाम आगमन पर राष्ट्रपति का हुआ जोरदार स्वागत।

– उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने की राष्ट्रपति अगवानी की।

देहरादून –  राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ धाम आगमन पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।

Also Read....  संवाद ही हर समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम: राज्यपाल

राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बुधवार को सुबह 10ः20 बजे बद्रीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंची हेलीपैड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अन्य जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना एवं पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ मंदिर पहुंची और मंदिर में बद्री विशाल की वेद पाठ एवं विशेष पूजा की। बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न की। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बद्री विशाल का प्रसाद एवं अंग वस्त्र भेंट किया।

Also Read....  विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत मतदान केंद्रों का निरीक्षण, मतदाताओं की समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों से की वार्ता - – डॉ. जसविंदर सिंह गोगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखीं। मंदिर में पूजा दर्शन के बाद राष्ट्रपति बद्रीनाथ से श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया।

Also Read....  विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत मतदान केंद्रों का निरीक्षण, मतदाताओं की समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों से की वार्ता - – डॉ. जसविंदर सिंह गोगी

LEAVE A REPLY