विवेक नौटियाल और जीतेंद्र तोमक्याल के गीतों पर खूब थिरके दूनवासी

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– आदि गौरव महोत्सव 2025 का हुआ समापन, उत्तराखंड की जनजातीय विरासत का मनाया उत्सव

देहरादून:  टीआरआई उत्तराखंड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आदि गौरव महोत्सव 2025 का आज रेंजर्स ग्राउंड में समापन हुआ। इस मौके पर विभिन्न राज्यों की जनजातीय समुदायों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कला प्रदर्शनी और परंपरागत कलाकृतियों के माध्यम से अपनी भागीदारी दर्ज कराई। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नानकमत्ता के विधायक गोपाल सिंह राणा उपस्थित रहे।

समापन दिवस की शाम प्रसिद्ध लोक गायक विवेक नौटियाल और जीतेंद्र तोमक्याल ने अपने मनमोहक गीतों से दर्शकों को खूब लुभाया। विवेक नौटियाल ने ‘रूप कू मंतर’, ‘द्यो लागी’, ‘नंदा भवानी’ जैसे अपने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। वहीं जीतेंद्र टॉमक्याल ने ‘संगीता’, ‘देव भूमि’, ‘ओ रंगीली धना’ सहित कई पसंदीदा गीतों से माहौल को सुरमयी बना दिया।

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इसके अलावा हिमनाद बैंड व हरीश जोशी हरू
ने भी अपने लोकगीतों, और कनिका बहुगुणा व हर्षिता कोली ने अपनी नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

महोत्सव में जनजातीय हस्तकरघा, हस्तशिल्प और परंपरागत कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्रदर्शित कलाओं ने जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मकता को सुन्दर रूप से प्रदर्शित किया।

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अपने विचार साझा करते हुए, टीआरआई उत्तराखंड के अपर निदेशक योगेंद्र रावत ने कहा, “यह महोत्सव हमारी जनजातीय समुदायों के उल्लेखनीय कलात्मक और सांस्कृतिक योगदान को उजागर करता है। कलाकारों का उत्साह और जनता की सराहना हमारे परंपराओं के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाता है। हम इस मंच को और मजबूत करने तथा अपने जनजातीय शिल्पकारों और कलाकारों को निरंतर पहचान और अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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टीआरआई उत्तराखंड के समन्वयक राजीव कुमार सोलंकी ने अपने समापन संबोधन में कहा, “आदि गौरव महोत्सव जनजातीय समुदायों को अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। हम सभी प्रतिभागियों और दर्शकों के सकारात्मक सहयोग के लिए आभारी हैं। यह हमें आगे भी ऐसे आयोजन करने के लिए प्रेरित करता है।”

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