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देहरादून, – केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत संचालित केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” (MRMA 2.0) – रेशम उत्पादन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को देहरादून जिले में जिला हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक रेशम निदेशालय, उत्तराखंड, प्रेमनगर के सभागार में आयोजित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देहरादून जिले में रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति का आकलन करना, विकास की संभावनाओं और चुनौतियों की पहचान करना तथा रेशम उत्पादकों एवं अन्य हितधारकों की आवश्यकताओं के आधार पर MRMA 2.0 के अंतर्गत पांच वर्षीय जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करना था।
कार्यक्रम में प्रदीप कुमार, निदेशक, रेशम निदेशालय, उत्तराखंड मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. पंकज तिवारी, निदेशक, केंद्रीय रेशम बोर्ड ने विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर डॉ. वी.पी. गुप्ता, वैज्ञानिक-डी, डॉ. सहदेव चौहान, वैज्ञानिक-डी, डॉ. विक्रम कुमार, वैज्ञानिक-सी, केंद्रीय रेशम बोर्ड, विनोद तिवारी, सहायक निदेशक, रेशम निदेशालय, तथा अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक-सी एवं नोडल अधिकारी, MRMA 2.0 सहित रेशम क्षेत्र से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मातबर सिंह कंडारी, महाप्रबंधक, उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के साथ-साथ देहरादून जिले के रेशमकीट पालक, रीलर एवं बुनकर भी उपस्थित रहे। हितधारकों ने रेशम उत्पादन से संबंधित अपने अनुभव, क्षेत्रीय समस्याएं, आवश्यकताएं एवं सुझाव साझा किए।
बैठक में गुणवत्तापूर्ण रेशमकीट बीज की उपलब्धता, शहतूत उत्पादन एवं विस्तार, तकनीकी हस्तांतरण, किसानों का क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, उत्पादकता में सुधार तथा रेशम उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं विपणन जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
हितधारकों द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान हेतु केंद्रीय रेशम बोर्ड एवं रेशम निदेशालय के बीच बेहतर समन्वय एवं तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर बल दिया गया। साथ ही रेशम उत्पादकों की आय में वृद्धि तथा जिले में रेशम उत्पादन को अधिक व्यवस्थित एवं टिकाऊ बनाने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई।
अधिकारियों ने कहा कि यह बैठक देहरादून जिले में रेशम उत्पादन के समग्र विकास, नवीनतम तकनीकों के प्रभावी हस्तांतरण तथा रेशम उत्पादकों की उत्पादकता एवं आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।









